कभी मंदिर गिराते हो
कभी मस्जिद गिराते हो
कभी दंगे कराते हो
कभी तुम घर जलाते हो
कभी अन्दर करते हो
गरीबी तुम बढ़ाते हो
बड़ा अफ़सोस हैं तुम पर
तुम्ही संसद में जाते हो
तुम्ही संसद में जाते हो
कभी मस्जिद गिराते हो
कभी दंगे कराते हो
कभी तुम घर जलाते हो
कभी अन्दर करते हो
गरीबी तुम बढ़ाते हो
बड़ा अफ़सोस हैं तुम पर
तुम्ही संसद में जाते हो
तुम्ही संसद में जाते हो