पोशीदा से लोग
हर वक़्त तकाजे में भिड़े हुए
कुछ उकताए हुए ज़िंदगी से
कुछ कहकहा लगाये हुए
कुछ इशक बाजी में गुल
कुछ मटरगस्ती में गुल
कुछ बदहवासी में गुम
कुछ तनाव में गुम
पोशीदा से लोग
कुछ पोशीदा से लोग
हर वक़्त तकाजे में भिड़े हुए
कुछ उकताए हुए ज़िंदगी से
कुछ कहकहा लगाये हुए
कुछ इशक बाजी में गुल
कुछ मटरगस्ती में गुल
कुछ बदहवासी में गुम
कुछ तनाव में गुम
पोशीदा से लोग
कुछ पोशीदा से लोग
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