सारी याद ताजा हैं वो आज भी मेरी ख्वाबों मे आतीं है
अचानक मुलाकात हो उनसे तो वो शर्मा जाती है वो अपने दिल के कोने से कुछ कहती हैं ,
मैंने भी बेमन से उसे अनसुना कर देता हूँ
वो मेरे सोए जस्बात को जगा देती मैं फिर उन्हें गहरी नींद मैं सुला देता
वो हर रोज नया रिश्ता बनाती मैं एक पुराना रिश्ता मिटा देता
वो पूछती क्या अब भी तुम्हे रिश्ते आते हैं
मैं कहता इस उम्र मैं रिश्ते नहीं फ़रिश्ते आतें हैं

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