तुम्हे याद नहीं आती इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं
तनहा हूँ मैं शायद आजकल या मुझे कोई मिलती नहीं
कुछ तर्जुबा तुमको भी हैं ज़िन्दगी का
कुछ तर्जुबा हमको भी हैं ज़िन्दगी का
आओ इन तर्जुबों को मिला ले
फिर तुम भी तजुर्बेकार और हम भी तजुर्बेकार
फकत मजाक की उम्र मैं हम गंभीर रहे
आज हम मजाक में हैं और ज़माना गंभीर हैं
जुलम हो गया मुझसे जुलम होते होते
खुदा कह गया खुद को में रोते रोते
गलती तुम्हारी भी थी और मेरा भी कसूर था
मिल न सके तुमसे हम जाते जाते
हमें क्या पता था येः दुनिया का दस्तूर था
तनहा हूँ मैं शायद आजकल या मुझे कोई मिलती नहीं
कुछ तर्जुबा तुमको भी हैं ज़िन्दगी का
कुछ तर्जुबा हमको भी हैं ज़िन्दगी का
आओ इन तर्जुबों को मिला ले
फिर तुम भी तजुर्बेकार और हम भी तजुर्बेकार
फकत मजाक की उम्र मैं हम गंभीर रहे
आज हम मजाक में हैं और ज़माना गंभीर हैं
जुलम हो गया मुझसे जुलम होते होते
खुदा कह गया खुद को में रोते रोते
गलती तुम्हारी भी थी और मेरा भी कसूर था
मिल न सके तुमसे हम जाते जाते
हमें क्या पता था येः दुनिया का दस्तूर था
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