रविवार, 9 सितंबर 2012

ये देश

महंगाई बढ़ रहा हैं
गरीब डर रहा हैं
जनता लड़ रहा हैं
माध्यम वर्गी मर रहा हैं
नेता घपला कर रहा हैं
बच्चा ऐसे ही  पल रहा हैं
देश में ऐसा ही  चल रहा हैं
पुलिस डंडा चला रहा हैं
विद्यार्थी हत्कंडा लगा रहा हैं
प्रकृति तबाही दिला रहा हैं
इंसान सजा पा रहा हैं
एक वक़्त हैं
जो चलता जा रहा हैं .....

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