सोमवार, 18 नवंबर 2013

प्यार

फूलों से नही
बहारों से प्यार करना
और अपनो से नही
अपने किसी सपने से प्यार करना
क्योंकि अपने एक दिन
कहीं छोड़ चले जाएँगे
और फूल बावक़्त
मुरझा के मर जाएँगे
तब बस रहेगी अपनी हस्ती
और जलेगी पूरी की पूरी बस्ती


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