हमने भी पैसे कमाए थे
किसी अपने पर ही उडाये थे
मुह्हबत थी किसी से
इसीलिए चम्पी करवाए थे
वो खाली न बैठें कभी
इसीलिए कपडे भी धुलवाए थे
यकीन नहीं था की वो अनजान कुछ समझ न पायेंगे
मेरी मोह्हबत को भी वो अहसान का कारोबार बताएँगे
अब कुछ हम भी कर के दिखायेंगे
दोस्ती के बीच में कभी ये दौलत नहीं लायेंगे
किसी अपने पर ही उडाये थे
मुह्हबत थी किसी से
इसीलिए चम्पी करवाए थे
वो खाली न बैठें कभी
इसीलिए कपडे भी धुलवाए थे
यकीन नहीं था की वो अनजान कुछ समझ न पायेंगे
मेरी मोह्हबत को भी वो अहसान का कारोबार बताएँगे
अब कुछ हम भी कर के दिखायेंगे
दोस्ती के बीच में कभी ये दौलत नहीं लायेंगे
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