बुधवार, 20 जुलाई 2011

हो नहीं सकता



अमानत हैं तुम्हारी याद मेरी साँसो  में
कोई छीन ले ये मुझसे हो नहीं सकता 
तुम बेशक मुझको भूल जाओ गंवारा हैं मुझे
मैं तुमको भूल जाऊ हो नहीं सकता
तुम्हारे होठो की नमी अब तक मौजूद हैं मेरे होठों में
कोई मौसम सुखा दे इसे हो नहीं सकता
तुम्हारे आँखों की महक अब तक मौजूद हैं  मेरी आँखों में
इस महक को कोई मिटा दे ये हो नहीं सकता
खूब इतराओगी किसी और की बाँहों में आकर
छूट जाओ मेरी बाँहों से हो नहीं सकता
लाखो इल्जाम हैं मोहब्बत के मेरे ऊपर 
मैं बाइज्जत बरी हो जाऊ हो नहीं सकता
   

 


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