किसने कहा है तुम्हे बुझने के लिए ऐ दिए
जलतें रहो की अभी तेल बाकी है
किसने कहा है तुम्हे मुरझाने के लिए ऐ फूल
खिलते रहो की अभी सावन बाकी है
किसने कहा है तुम्हे रुकने के लिए ऐ दोस्त
दौड़ते रहो की अभी सास बाकी है
किसने कहा है तुम्हे जनाजे तक ले जाने को ऐ लोग
रुक जाओ की मुझमे अभी जान बाकी है
सिदयो तक याद करोगे मेरी बाते ऐ दौर
रुक जाओ की मेरी बात अभी बाकी है
जलतें रहो की अभी तेल बाकी है
किसने कहा है तुम्हे मुरझाने के लिए ऐ फूल
खिलते रहो की अभी सावन बाकी है
किसने कहा है तुम्हे रुकने के लिए ऐ दोस्त
दौड़ते रहो की अभी सास बाकी है
किसने कहा है तुम्हे जनाजे तक ले जाने को ऐ लोग
रुक जाओ की मुझमे अभी जान बाकी है
सिदयो तक याद करोगे मेरी बाते ऐ दौर
रुक जाओ की मेरी बात अभी बाकी है
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