मुह्हबत भी मिली मक्कारी भी मिली मयखाने में
मुझे शराब भी पिलाई प्याली से पैमानों में
कहा शराब छोड़ दो दिखाने के लिए ज़माने में
गर मुह्हबत हैं तुझे तो इबादत करो उस रब से
ताकत दे तुझे हर रोज आने के लिए मैखाने में
मुझे शराब भी पिलाई प्याली से पैमानों में
कहा शराब छोड़ दो दिखाने के लिए ज़माने में
गर मुह्हबत हैं तुझे तो इबादत करो उस रब से
ताकत दे तुझे हर रोज आने के लिए मैखाने में
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें