एक ऐसा पवन का झोका था
जिसे किसी सरहद ने नहीं रोका था
न नफरत इस तरफ थी
न नफरत उस तरफ थी
फिर य़े ज़हर कैसे भर गया
जो कभी भाई भाई करते नहीं थकता था
आज हिन्दू मुस्लमान कैसे हो गया
जिसे किसी सरहद ने नहीं रोका था
अमन का नाम लेकर आया था
वो वास्तव मैं एक धोका था न नफरत इस तरफ थी
न नफरत उस तरफ थी
फिर य़े ज़हर कैसे भर गया
जो कभी भाई भाई करते नहीं थकता था
आज हिन्दू मुस्लमान कैसे हो गया

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